अद्भुत है अमरनाथ शिवलिंग
अमरनाथ शिवलिंग हिम से निर्मित होता. यह शिवलिंग अन्य शिवलिंगों की भांति सालों भर नहीं रहता है. वर्ष के कुछ महीनों में यहां हिम से स्वयं शिवलिंग का निर्माण होता है. स्वयं हिम से निर्मित शिवलिंग होने के कारण इसे स्वयंभू हिमानी शिवलिंग भी कहा जाता है. आषाढ़ पूर्णिमा से शिवलिंग का निर्माण होने लगता है जो श्रावण पूर्णिमा के दिन पूर्ण आकार में आ जाता है.
अमरनाथ की गुफा में हिम जल टपकता रहता है. आस-पास जमा हुआ बर्फ भी कच्चा होता है जबकि हिम से बना शिवलिंग ठोस होता है. इस स्थान पर आकर ईश्वर के प्रति आस्था मजबूत हो जाती है. इस तरह शिवलिंग का निर्माण सदियों से होता चला आ रहा है. यह भगवान के भक्तों को यह विश्ववास दिलाता है कि उनकी श्रद्धा सच्ची है. ईश्वर है तभी यह संसार है.
जय महाकाल...🙏🏻🙏🏻
अमरनाथ शिवलिंग हिम से निर्मित होता. यह शिवलिंग अन्य शिवलिंगों की भांति सालों भर नहीं रहता है. वर्ष के कुछ महीनों में यहां हिम से स्वयं शिवलिंग का निर्माण होता है. स्वयं हिम से निर्मित शिवलिंग होने के कारण इसे स्वयंभू हिमानी शिवलिंग भी कहा जाता है. आषाढ़ पूर्णिमा से शिवलिंग का निर्माण होने लगता है जो श्रावण पूर्णिमा के दिन पूर्ण आकार में आ जाता है.
अमरनाथ की गुफा में हिम जल टपकता रहता है. आस-पास जमा हुआ बर्फ भी कच्चा होता है जबकि हिम से बना शिवलिंग ठोस होता है. इस स्थान पर आकर ईश्वर के प्रति आस्था मजबूत हो जाती है. इस तरह शिवलिंग का निर्माण सदियों से होता चला आ रहा है. यह भगवान के भक्तों को यह विश्ववास दिलाता है कि उनकी श्रद्धा सच्ची है. ईश्वर है तभी यह संसार है.
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