भगवान कार्तिकेय देवताओ के सेनापति और स्कंद देवता के रूप में पूजे जाते है | इनके माता पिता पार्वती और भगवान शिव है | इन्हें दक्षिण भारत में ‘मुरुगन’ भी कहा जाता है। यह मुख्य रूप से दक्षिण भारत के तमिलनाडू में पूजे जाते है | भारत के अतिरिक्त इन्हे विश्व में श्रीलंका, मलेशिया, सिंगापुर आदि में अन्य रूपों में पूजा जाता है |
✨ कार्तिकेय हमेशा रहते है बालक रूप में । ✨
भगवान कार्तिकेय के छ: सिर बताये गये है | वे बहुत बड़े योधा भी है और तमिल लोगो के अनुसार उनका विवाह भी इंद्र की पुत्री देवसेना के साथ हुआ है | फिर भी ये हमेशा बालक रूप में रहते है | इसके पीछे एक रोचक श्राप है जो स्वयं इनकी माता ने इन्हे दिया था |
✨ महाशक्तिशाली असुरो के विनाश के लिए हुआ था जन्म । ✨
राजा दक्ष के हवन कुंड में माँ सती समा गयी थी और तब भगवान शिव हिमालय में घोर तपस्या में लिप्त हो गये थे | दूसरी तरफ तारकासुर नामक असुर ने महा तपस्या करके यह वरदान प्राप्त कर लिए की उसकी मृत्यु सिर्फ और सिर्फ शिव के पुत्र से ही होगी | हलाकि सती ने अपने दूसरा जीवन हिमालय की पुत्री के रूप में ले लिया था पर भोलनाथ की ध्यान अपने चरम पर था |
✨ कामदेव के हाथो हुआ भोलनाथ का ध्यान भंग । ✨
तब कामदेव धर्म और देवताओ की रक्षा के लिए शिव के क्रोध का सामना करने के लिए तैयार हुए | उन्होंने अपने पुष्प काम बाणों से शिव की तपस्या को भंग कर दिया | इस कार्य के लिए अपने त्रिनेत्र से शिव ने कामदेव को भस्म कर दिया | फिर उन्होंने पार्वती के साथ विवाह रचा लिया और पुत्र रूप में छ: जीवो वाले कार्तिकेय स्वामी का जन्म हुआ |
✨ कार्तिकेय ने किया तारकासुर का वध । ✨
जिस महान कार्य और वध के लिए भगवान कार्तिकेय का जन्म हुआ था , वो था महाशक्तिशाली असुर तारकासुर का वध | देवताओ ने अपना सेनापति कार्तिकेय जी को नियुक्त किया और उनकी अगुवाई में महायुद्ध लड़ा गया | इस युद्ध में शिव के पुत्र ने अपार शक्ति प्रदर्शन कर तारकासुर और सूरपद्म का विनाश किया |
✨ मोर है मुख्य वाहन ✨
हिन्दू देवी देवताओ के वाहन अलग अलग है और उसमे कार्तिकेय जी का वाहन मोर को बताया गया है |
✨ 140 फिट ऊँची प्रतिमा ✨
मलेशिया के गोम्बैक जिले में एक चूना पत्थर की पहाड़ी है | यहा भगवान मुरुगन की विश्व में सर्वाधिक ऊंची प्रतिमा 140 फिट की है | यह स्वर्ण रंग की है | मूर्ति के पास से पहाड़ पर चढ़ने के लिए हजारो सीढिया बनी हुई है |
✨ बुद्धि के देवता और सबसे पहले पूजे जाने वाले पञ्च देवता में एक है भगवान श्री गणेश | भारत के सबसे बड़े त्यौहार दीपावली के दिन भी लक्ष्मी जी के साथ गणेश की पूजा विधि विधान से होती है | क्यों की समुन्द्र मंथन से निकली विष्णु प्रिय लक्ष्मी जी धन तो दे सकती है पर उससे सँभालने के लिए बुद्धि गणपति ही देते है | गणेश पुराण के अनुसार गणेश सबसे बड़े देवता है जिन्हें पाने के लिए भगवान शिव और पार्वती दोनों ने तपस्या की थी | तब कृष्ण के अवतार के रूप में गणेश जी का जन्म हुआ था ।
✨गणेश के एकदंत बनने की कथा ✨
आपने देखा होगा भगवान श्री गणेश की मूर्ति में एकदन्त आधा टुटा हुआ है | यह दांत कैसे टुटा , इसके पीछे पुराणों में अलग अलग कथाये बताई गयी है | कही लिखा हुआ है भगवान परशुराम जी ने इसे तोडा है | तो कही महाभारत काव्य को लिखने के लिए गणेश जी ने अपना एक दाँत तोड़ डाला। कही यह भी लिखा है की कार्तिकेय ने खेल खेल में गणेश जी का दन्त तोड़ दिया था |
✨ गणेश और तुलसी जी की कहानी
तुलसी जी और गणेश ने एक दुसरे को श्राप दे दिया जिससे तुलसी का विवाह एक असुर से तो गणेश जी का विवाह अकारण ही हो गया | तभी से तुलसी जी गणेश जी की पूजा में नही चढ़ाई जाती है |
✨ गणेश ने किया कुबेर का घमंड चूर ✨
एक बार धन के देवता कुबेर को अत्यंत घमंड हो गया | उन्होंने महा भोज आयोजित किया | गणेश जी को उन्हें सबक सिखाना था | इसलिए लम्बोदर गणेश ने कुबेर के सारे खजाने ही खा लिए |
✨ गणेश और लक्ष्मी के साथ पूजे जाते है ✨
गणेश और लक्ष्मी जी की पूजा दीपावली पर की जाती है | गणेश प्रथम पूज्य देवता है तो धन की देवी लक्ष्मी जी को माना गया है | व्यक्ति के पास धन के साथ बुद्धि होना भी जरुरी है , इसी कारण गणेश जी और लक्ष्मी जी की पूजा एक साथ की जाती है |
✨ क्यों गणेश को सबसे पहले पूजा जाता है | ✨
बुद्धि के देवता ने अपने ज्ञान के बल पर छोटे से मूषक से सम्पूर्ण ब्रहमांड के साथ चक्कर लगा लिए थे | तब शिव ने इन्हे प्रथम पूज्य का वरदान दिया |
✨ कार्तिकेय हमेशा रहते है बालक रूप में । ✨
भगवान कार्तिकेय के छ: सिर बताये गये है | वे बहुत बड़े योधा भी है और तमिल लोगो के अनुसार उनका विवाह भी इंद्र की पुत्री देवसेना के साथ हुआ है | फिर भी ये हमेशा बालक रूप में रहते है | इसके पीछे एक रोचक श्राप है जो स्वयं इनकी माता ने इन्हे दिया था |
✨ महाशक्तिशाली असुरो के विनाश के लिए हुआ था जन्म । ✨
राजा दक्ष के हवन कुंड में माँ सती समा गयी थी और तब भगवान शिव हिमालय में घोर तपस्या में लिप्त हो गये थे | दूसरी तरफ तारकासुर नामक असुर ने महा तपस्या करके यह वरदान प्राप्त कर लिए की उसकी मृत्यु सिर्फ और सिर्फ शिव के पुत्र से ही होगी | हलाकि सती ने अपने दूसरा जीवन हिमालय की पुत्री के रूप में ले लिया था पर भोलनाथ की ध्यान अपने चरम पर था |
✨ कामदेव के हाथो हुआ भोलनाथ का ध्यान भंग । ✨
तब कामदेव धर्म और देवताओ की रक्षा के लिए शिव के क्रोध का सामना करने के लिए तैयार हुए | उन्होंने अपने पुष्प काम बाणों से शिव की तपस्या को भंग कर दिया | इस कार्य के लिए अपने त्रिनेत्र से शिव ने कामदेव को भस्म कर दिया | फिर उन्होंने पार्वती के साथ विवाह रचा लिया और पुत्र रूप में छ: जीवो वाले कार्तिकेय स्वामी का जन्म हुआ |
✨ कार्तिकेय ने किया तारकासुर का वध । ✨
जिस महान कार्य और वध के लिए भगवान कार्तिकेय का जन्म हुआ था , वो था महाशक्तिशाली असुर तारकासुर का वध | देवताओ ने अपना सेनापति कार्तिकेय जी को नियुक्त किया और उनकी अगुवाई में महायुद्ध लड़ा गया | इस युद्ध में शिव के पुत्र ने अपार शक्ति प्रदर्शन कर तारकासुर और सूरपद्म का विनाश किया |
✨ मोर है मुख्य वाहन ✨
हिन्दू देवी देवताओ के वाहन अलग अलग है और उसमे कार्तिकेय जी का वाहन मोर को बताया गया है |
✨ 140 फिट ऊँची प्रतिमा ✨
मलेशिया के गोम्बैक जिले में एक चूना पत्थर की पहाड़ी है | यहा भगवान मुरुगन की विश्व में सर्वाधिक ऊंची प्रतिमा 140 फिट की है | यह स्वर्ण रंग की है | मूर्ति के पास से पहाड़ पर चढ़ने के लिए हजारो सीढिया बनी हुई है |
✨ बुद्धि के देवता और सबसे पहले पूजे जाने वाले पञ्च देवता में एक है भगवान श्री गणेश | भारत के सबसे बड़े त्यौहार दीपावली के दिन भी लक्ष्मी जी के साथ गणेश की पूजा विधि विधान से होती है | क्यों की समुन्द्र मंथन से निकली विष्णु प्रिय लक्ष्मी जी धन तो दे सकती है पर उससे सँभालने के लिए बुद्धि गणपति ही देते है | गणेश पुराण के अनुसार गणेश सबसे बड़े देवता है जिन्हें पाने के लिए भगवान शिव और पार्वती दोनों ने तपस्या की थी | तब कृष्ण के अवतार के रूप में गणेश जी का जन्म हुआ था ।
✨गणेश के एकदंत बनने की कथा ✨
आपने देखा होगा भगवान श्री गणेश की मूर्ति में एकदन्त आधा टुटा हुआ है | यह दांत कैसे टुटा , इसके पीछे पुराणों में अलग अलग कथाये बताई गयी है | कही लिखा हुआ है भगवान परशुराम जी ने इसे तोडा है | तो कही महाभारत काव्य को लिखने के लिए गणेश जी ने अपना एक दाँत तोड़ डाला। कही यह भी लिखा है की कार्तिकेय ने खेल खेल में गणेश जी का दन्त तोड़ दिया था |
✨ गणेश और तुलसी जी की कहानी
तुलसी जी और गणेश ने एक दुसरे को श्राप दे दिया जिससे तुलसी का विवाह एक असुर से तो गणेश जी का विवाह अकारण ही हो गया | तभी से तुलसी जी गणेश जी की पूजा में नही चढ़ाई जाती है |
✨ गणेश ने किया कुबेर का घमंड चूर ✨
एक बार धन के देवता कुबेर को अत्यंत घमंड हो गया | उन्होंने महा भोज आयोजित किया | गणेश जी को उन्हें सबक सिखाना था | इसलिए लम्बोदर गणेश ने कुबेर के सारे खजाने ही खा लिए |
✨ गणेश और लक्ष्मी के साथ पूजे जाते है ✨
गणेश और लक्ष्मी जी की पूजा दीपावली पर की जाती है | गणेश प्रथम पूज्य देवता है तो धन की देवी लक्ष्मी जी को माना गया है | व्यक्ति के पास धन के साथ बुद्धि होना भी जरुरी है , इसी कारण गणेश जी और लक्ष्मी जी की पूजा एक साथ की जाती है |
✨ क्यों गणेश को सबसे पहले पूजा जाता है | ✨
बुद्धि के देवता ने अपने ज्ञान के बल पर छोटे से मूषक से सम्पूर्ण ब्रहमांड के साथ चक्कर लगा लिए थे | तब शिव ने इन्हे प्रथम पूज्य का वरदान दिया |
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