कैलाश पर्वत
अपार शक्ति का स्रोत भगवान शिव उनकी शक्ति को इतना विध्वंसकारी कहा जाता है कि तीनों लोगों को एक ही पल में भ्रष्ट कर दें। ऐसा माना जाता है कि भगवान शिव शायद आठवें आयाम में निवास करते हैं और इस आयाम को कैलाश कहा जाता है और इसी के नाम से इस पर्वत का नाम कैलाश पर्वत पड़ा। क्योंकि भगवान शिव इस भौतिक दुनिया में इसी पर्वत पर निवास करते हैं।वैसे तो दुनिया का सबसे ऊंचा पर्वत माउंट एवरेस्ट को माना जाता है जिस पर्वत की ऊंचाई 8848 मीटर है फिर भी इस पर्वत पर 4000 से ज्यादा लोग चढ़ाई कर चुके हैं। जबकि वहीं दूसरी ओर कैलाश पर्वत सिर्फ 6678 मीटर ऊँचा है फिर भी इस पर्वत पर आज तक कोई भी इंसान चढ़ाई नहीं कर पाया है। यह अपने आप में एक सबसे बड़ा रहस्य बना हुआ है। आखिर इसका क्या कारण है कि कोई इस पर्वत पर नहीं कर पाया है।
साल 1926 को ह्यूम्स रटलेज जो कि एक सरकारी कर्मचारी थे। उन्होंने कैलाश पर्वत पर चढ़ने की बहुत कोशिश की थी जब उन्होंने इस कैलाश पर्वत पर चढ़ाई करना शुरू किया, तब उन्होंने पाया कि उन्हें दिशा भ्रम हो रहा है। वो कभी तो उस पर चढ़ रहे होते हैं तो कभी उस पर पर्बत से नीचे उतर रहे होते हैं उन्हें ऐसा महसूस हो रहा था। उन्हें समझ में नहीं आ रहा था कि यह क्या हो रहा है। इस तरह एक और पर्वतारोही जब कैलाश पर्वत पर चढ़ने के लिए आया तो उसने पाया कि जब उसने पहला कदम उस पर्वत पर रखा, तो उसकी धड़कन बढ़ गई और धीरे-धीरे धड़कन बढ़ती ही गई और एक समय उसे यह सहन न हुआ और वह वापस आ गया। इस तरह एक और पर्वतारोही जिसने इस पर चढ़ने की कोशिश की और कुछ दिन कैलाश पर्वत पर बिताए भी। उसने अपनी किताब में लिखा है कि "उस पर्वत पर रहना असंभव था वहां किसी अनजान वजह से दिशा भ्रम होता है और दिशा का ज्ञान नहीं रहता है वहां पर चुंबकीय कंपास भी धोखा देने लगता है शरीर के बाल और नाखून भी ज्यादा तेजी से बढ़ने लगते हैं वह जगह बहुत ही ज्यादा रेडियोएक्टिव है" तब वह पर्वतारोही कैलाश पर्वत पर चढ़ने की जिद्द को छोड़ कर वापस आ गया।
आखरी क्या है इस पर्वत का रहस्य, जो कि इस पर्वत पर आज तक कोई चढ़ नहीं पाया है। दरअसल वेदों में कहा गया है कि इस पर्वत पर भगवान शिव रहते हैं और इस पर्वत पर भगवान शिव भौतिक दुनिया में आते हैं। दरअसल दुनिया के कुछ बड़े वैज्ञानिकों ने अपने रिसर्च में पाया कि यह जगह बहुत ही ज्यादा रेडियोएक्टिव है और इसका असर हम पर भी पड़ता है। हमारे पुराणों में भी भगवान शिव को महाशक्ति कहा गया है और हो सकता है कि इस पर्वत में भगवान शिव का दूसरे आयाम का कोई रास्ता हो। क्योंकि यहां पर माना जाता है कि इस कैलाश पर्वत पर भगवान शिव आज भी निवास करते हैं। इस सवाल का जवाब इस पर्वत में छुपा हुआ है लेकिन जो अनुभव इस पर चढ़ने वाले पर्वतारोहियों ने बताएं हैं उसे देखकर ऐसा ही लगता है कि शायद इसका जवाब हमें कभी ना मिल पाए।
जय महाकाल
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