सोमवार को शिवजी की इस तरह पूजा और मंत्र जाप से अति प्रसन्न होंगे महादेव
भगवान शिव शंकर का मुख्य दिन सोमवार को माना जाता है ! सोम का अर्थ है चंद्रमा जो शिव के जटा पर विराजित है ! शिव ही सही मायने मे जगतेश्वर है ! यह शक्ति से परे नही है बल्की इनका ही नारी रुप है शक्ति ! इनका रुप अर्थनारेश्वर का है.जिससे यह आधे पुरुष और आधे स्त्री है !
शिव कृपा से ही सांसारिक,मानसिक पीडा समाप्त होती है.मनुष्य अपने जीवन काल मे परब्रह्म को प्राप्त कर पाता है !
सोमवार को ऐसा करें :--
सोमवार के दिन सूर्योदय से पुर्व स्नान करके और उसी दिन सोमवार का व्रत का संकल्प लेकर शिवालय मे जाकर सबसे पहले शुद्ध जल से शिवलिंग का अभिषेक करें और इस मंत्र का जाप करें !
ऊँ महाशिवाय सोमाय नमः ..
फिर उसके बाद गाय के शुद्ध कच्चे दुध को शिवलिंग पर अर्पित करे.यह करना मनुष्य के तन. मन.धन से जुडी सभी समस्याओं से निजात मिलती है.
फिर कपूर, गंध, पुष्प, धतूरे और भस्म से शिवजी को अभिषेक करें ! शिव आरती करे और अपनी मनोकामना पुर्ति के लिए दिल से प्रार्थना करें !
सोमवार को शिवलिंग की पूजा अर्चना के बाद कुश के आसन पर विराजमान होकर रुद्राक्ष की माला से इन चमत्कारी मंत्रो का जाप करना विलक्षण सिद्धि व मनचाहे लाभ देने वाला होता है !
यह मंत्र 11, 21, 101, 1001 बार बोले जा सकते हैं !
शिवजी के कुछ नाम मंत्र :--
ऊँ अघोराय नमः
ऊ शर्वाय नमः
ऊ विरुपाक्षाय नमः
ऊँ विश्वरुपिने नमः
ऊँ त्र्यम्बकाय नमः
ऊँ कपर्दिने नमः
ऊँ भैरवाय नमः
ऊँ शूलपाणये नमः
ऊँ ईशानाय नमः
ऊँ महेश्वराय नमः
यह है आशुतोष भगवान शिव को प्रसन्न करने के अत्यंत सरल और अचुक मंत्र ! इन मंत्रो का प्रतिदिन रुद्राक्ष की माला से जप करना चाहिए ! जप पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके करना चाहिए !
जप के पूर्व शिवजी को विल्वपत्र अर्पित करना या उनके उपर जलधारा लगाना चाहिए !
भगवान शंकर का पंचाक्षर मंत्र ऊँ नमो शिवाय ही अमोध एवं मोक्षदायी है ! किन्तु विषम काल मे यदी किसी के उपर कोई कठिन व्याधि या समस्या आन पडे तब श्रद्धा पुर्वक " ऊँ नमः शिवाय शुभं शुभं कुरु कुरु शिवाय ऊँ नमः ! के मंत्र का एक लाख जप करना चाहिए !
यह बडी से बडी समस्या और विघ्न को टाल देता है !
ऊँ पार्वती पतये नमः
नमो नीलकण्ठाय
ऊँ पशुपतये नमः
ऊँ ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय.
भगवान शिव शंकर का मुख्य दिन सोमवार को माना जाता है ! सोम का अर्थ है चंद्रमा जो शिव के जटा पर विराजित है ! शिव ही सही मायने मे जगतेश्वर है ! यह शक्ति से परे नही है बल्की इनका ही नारी रुप है शक्ति ! इनका रुप अर्थनारेश्वर का है.जिससे यह आधे पुरुष और आधे स्त्री है !
शिव कृपा से ही सांसारिक,मानसिक पीडा समाप्त होती है.मनुष्य अपने जीवन काल मे परब्रह्म को प्राप्त कर पाता है !
सोमवार को ऐसा करें :--
सोमवार के दिन सूर्योदय से पुर्व स्नान करके और उसी दिन सोमवार का व्रत का संकल्प लेकर शिवालय मे जाकर सबसे पहले शुद्ध जल से शिवलिंग का अभिषेक करें और इस मंत्र का जाप करें !
ऊँ महाशिवाय सोमाय नमः ..
फिर उसके बाद गाय के शुद्ध कच्चे दुध को शिवलिंग पर अर्पित करे.यह करना मनुष्य के तन. मन.धन से जुडी सभी समस्याओं से निजात मिलती है.
फिर कपूर, गंध, पुष्प, धतूरे और भस्म से शिवजी को अभिषेक करें ! शिव आरती करे और अपनी मनोकामना पुर्ति के लिए दिल से प्रार्थना करें !
सोमवार को शिवलिंग की पूजा अर्चना के बाद कुश के आसन पर विराजमान होकर रुद्राक्ष की माला से इन चमत्कारी मंत्रो का जाप करना विलक्षण सिद्धि व मनचाहे लाभ देने वाला होता है !
यह मंत्र 11, 21, 101, 1001 बार बोले जा सकते हैं !
शिवजी के कुछ नाम मंत्र :--
ऊँ अघोराय नमः
ऊ शर्वाय नमः
ऊ विरुपाक्षाय नमः
ऊँ विश्वरुपिने नमः
ऊँ त्र्यम्बकाय नमः
ऊँ कपर्दिने नमः
ऊँ भैरवाय नमः
ऊँ शूलपाणये नमः
ऊँ ईशानाय नमः
ऊँ महेश्वराय नमः
यह है आशुतोष भगवान शिव को प्रसन्न करने के अत्यंत सरल और अचुक मंत्र ! इन मंत्रो का प्रतिदिन रुद्राक्ष की माला से जप करना चाहिए ! जप पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके करना चाहिए !
जप के पूर्व शिवजी को विल्वपत्र अर्पित करना या उनके उपर जलधारा लगाना चाहिए !
भगवान शंकर का पंचाक्षर मंत्र ऊँ नमो शिवाय ही अमोध एवं मोक्षदायी है ! किन्तु विषम काल मे यदी किसी के उपर कोई कठिन व्याधि या समस्या आन पडे तब श्रद्धा पुर्वक " ऊँ नमः शिवाय शुभं शुभं कुरु कुरु शिवाय ऊँ नमः ! के मंत्र का एक लाख जप करना चाहिए !
यह बडी से बडी समस्या और विघ्न को टाल देता है !
ऊँ पार्वती पतये नमः
नमो नीलकण्ठाय
ऊँ पशुपतये नमः
ऊँ ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय.
No comments:
Post a Comment