।। महादेव ।।
भोला विश्वनाथ शिवशँकर जय जय गिरिजानाथ हरे ।
जय गंगाधर जय त्रिभुवनपति कर डमरू त्रय़शूल हरे ।।
जय गंगाधर जय त्रिभुवनपति कर डमरू त्रय़शूल हरे ।।
कण्ठ गरल भालेन्दु त्रिलोचन कुण्डल कान परे ।
मुण्डमाल बाघम्बर धारी - हे भोले भक्तन कष्ट हरे ।।
मुण्डमाल बाघम्बर धारी - हे भोले भक्तन कष्ट हरे ।।
पाप पहार धरे जो प्राणी - निशि दिन विकल परे ।
महादेव नाम की नाव भक्तन चढ़ि भवसिन्धु तरे ।।
महादेव नाम की नाव भक्तन चढ़ि भवसिन्धु तरे ।।
।। महादेव ।।
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