तीन चीज
· तीन चीजों को कभी छोटी ना समझे - बीमारी, कर्जा, शत्रु।
· तीनों चीजों को हमेशा वश में रखो - मन, काम और लोभ।
· तीन चीज़ें निकलने पर वापिस नहीं आती - तीर कमान से, बात जुबान से और प्राण शरीर से।
· तीन चीज़ें कमज़ोर बना देती है - बदचलनी, क्रोध और लालच।
· तीन चीज़े असल उद्धेश्य से रोकता हैं - बदचलनी, क्रोध और लालच।
· तीन चीज़ें कोई चुरा नहीं सकता - अकल, चरित्र, हुनर।
· तीन चीजों में मन लगाने से उन्नति होती है - ईश्वर, परिश्रम और विद्या।
· तीन व्यक्ति वक़्त पर पहचाने जाते हैं - स्त्री, भाई, दोस्त।
· तीनों व्यक्ति का सम्मान करो - माता, पिता और गुरु।
· तीनों व्यक्ति पर सदा दया करो - बालक, भूखे और पागल।
· तीन चीज़े कभी नहीं भूलनी चाहिए - कर्ज़, मर्ज़ और फर्ज़।
· तीन बातें कभी मत भूलें - उपकार, उपदेश और उदारता।
· तीन चीज़े याद रखना ज़रुरी हैं - सच्चाई, कर्तव्य और मृत्यु।
· तीन बातें चरित्र को गिरा देती हैं - चोरी, निंदा और झूठ।
· तीन चीज़ें हमेशा दिल में रखनी चाहिए - नम्रता, दया और माफ़ी।
· तीन चीज़ों पर कब्ज़ा करो - ज़बान, आदत और गुस्सा।
· तीन चीज़ों से दूर भागो - आलस्य, खुशामद और बकवास।
· तीन चीज़ों के लिए मर मिटो - धेर्य, देश और मित्र।
· तीन चीज़ें इंसान की अपनी होती हैं - रूप, भाग्य और स्वभाव।
· तीन चीजों पर अभिमान मत करो – ताकत,सुन्दरता, यौवन।
· तीन चीज़ें अगर चली गयी तो कभी वापस नहीं आती - समय, शब्द और अवसर।
· तीन चीज़ें इन्सान कभी नहीं खो सकता - शान्ति, आशा और ईमानदार।
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