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Wednesday, 15 May 2019

तीन चीज

तीन चीज

·      तीन चीजों को कभी छोटी ना समझे - बीमारी, कर्जा, शत्रु।  
·      तीनों चीजों को हमेशा वश में रखो - मन, काम और लोभ।
·      तीन चीज़ें निकलने पर वापिस नहीं आती - तीर कमान से, बात जुबान से और प्राण शरीर से। 
·      तीन चीज़ें कमज़ोर बना देती है - बदचलनी, क्रोध और लालच।
·      तीन चीज़े असल उद्धेश्य से रोकता हैं - बदचलनी, क्रोध और लालच।
·      तीन चीज़ें कोई चुरा नहीं सकता - अकल, चरित्र, हुनर।
·      तीन चीजों में मन लगाने से उन्नति होती है - ईश्वर, परिश्रम और विद्या।
·      तीन व्यक्ति वक़्त पर पहचाने जाते हैं - स्त्री, भाई, दोस्त।
·      तीनों व्यक्ति का सम्मान करो - माता, पिता और गुरु।
·      तीनों व्यक्ति पर सदा दया करो - बालक, भूखे और पागल।
·      तीन चीज़े कभी नहीं भूलनी चाहिए - कर्ज़, मर्ज़ और फर्ज़।
·      तीन बातें कभी मत भूलें - उपकार, उपदेश और उदारता। 
·      तीन चीज़े याद रखना ज़रुरी हैं - सच्चाई, कर्तव्य और मृत्यु। 
·      तीन बातें चरित्र को गिरा देती हैं - चोरी, निंदा और झूठ।
·      तीन चीज़ें हमेशा दिल में रखनी चाहिए - नम्रता, दया और माफ़ी।
·      तीन चीज़ों पर कब्ज़ा करो - ज़बान, आदत और गुस्सा।
·      तीन चीज़ों से दूर भागो - आलस्य, खुशामद और बकवास। 
·      तीन चीज़ों के लिए मर मिटो - धेर्य, देश और मित्र।
·      तीन चीज़ें इंसान की अपनी होती हैं - रूप, भाग्य और स्वभाव।
·      तीन चीजों पर अभिमान मत करो – ताकत,सुन्दरता, यौवन।
·      तीन चीज़ें अगर चली गयी तो कभी वापस नहीं आती - समय, शब्द और अवसर।

·      तीन चीज़ें इन्सान कभी नहीं खो सकता - शान्ति, आशा और ईमानदार।

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