Pages

Sunday, 1 December 2019

भूतनाथ महादेव

भूतनाथ महादेव


भगवान शिव का एक नाम भूतनाथ भी है। अपने भक्तों पर शिव हर रूप में अपार कृपा

मान्यता के अनुसार तत्कालीन राजा को सूचना मिली की जंगल में एक सुनसान जगह पर हर रोज गाय के थनों से खुद ही दूध बहता है। थोड़े ‌दिनों में यह खबर लोगों में आग की तरह फैल गई।
इसी दौरान राजा अजबेर सैन के सपने में भगवान शिव ने दर्शन दिए और उसे बताया कि जिस स्‍थान पर गाय के थनों से दूध बहता है। वहां शिवलिंग स्‍थापित है। उन्होंने राजा को कहा कि यहां पर एक भव्य मंदिर बनवाकर इसे भूतनाथ का नाम दिया जाए।
भगवान के निर्देशानुसार जब राजा ने मौके का मुआयना करवाया तो यह बात सच्ची हुई। जमीन में भविष्यवाणी के अनुसार शिवलिंग स्‍थापित था और गाय शिवलिंग को प्रभु कृपा से हर रोज दूध चढ़ाती थी।

सन् 1527 में राजा अजबेर सैन ने शिखारा शैली से मंदिर का निर्माण करवाया। मंदिर निर्माण से आज तक यहां पर भगवान भूतनाथ की श्रद्धापूर्वक पूजा अर्चना की जाती है। देश विदेश से आने वाले सैलानियों के लिए भी मंडी शहर में बसा यह मंदिर का आकर्षण का केंद्र बना रहता है।
बाबा भूतनाथ मंदिर में हर वर्ष शिवरात्रि का त्यौहार हर्षोल्लास से मनाया जाता है। शिवरात्रि से पहले ही इस मंदिर में भक्तों का तांता लगना शुरू हो जाता है
शिवरात्रि का त्यौहार यहां पर हर वर्ष पूरे एक सप्ताह तक मनाया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय शिवरात्रि के मेले का इतिहास भी इसी भूतनाथ मंदिर के साथ जुड़ा है। जिसमे देश के ही नहीं विदेशी पर्यटक भी सम्मिलित होते हैं

No comments:

Post a Comment